1 Shayari
अब हम एक-दूसरे के ऑनलाइन होने पर मुस्कुराते नहीं, फ़ोन की स्क्रीन धुंधली होती है, पर कॉल मिलाते नहीं। कितना अजीब है न यह नया दौर हमारी मोहब्बत का, एक ही शहर में रहकर भी अब हाल तक बताते नहीं।