तेरे बिना ये सुबह भी रास नहीं आती, हर धड़कन में तेरा नाम बसा है। तेरे साथ जो मिल जाए, वो जन्नत है, तेरे बिना हर ख्वाब अधूरा सा है।
तेरे बिना ख़ामोश हैं ये कमरे, सपनों में भी अब तेरा अक्स नहीं, ज़िंदगी की हर लहर में बसा है दर्द, लेकिन तुझसे कहने का कोई मौसम नहीं।
तेरे चेहरे की रौनक से, मेरा मन बहकता है, हर सुबह तेरे ख्यालों में, मेरा दिल झूमता है। तेरे बिना ये सारा जहाँ, वीरान सा लगता है, तेरी मुस्कान ही मेरी जिंदगी, सब कुछ सहेजता है।
खुद को पहचानो, दूसरों की परछाई नहीं, सपने तुम्हारे हैं, किसी की दुआ नहीं। जो ठान लिया, वो कर गुज़रेंगे, ज़िंदगी की रेस में, हम कभी रुकेंगे नहीं।
तेरे बिना हर लम्हा है अधूरा, तेरा साथ ही है मेरा सच्चा नूरा। खुशियों में साथ, ग़म में भी रहे, दोस्ती की ये राह, कभी ना हो दूर।
तुम्हारी खामोशियों में छुपा है, मेरे दिल का हर एक राज़। जब भी तुम पास होती हो, सिर्फ तेरा अहसास ही काफी है।
जिन्हें हम समझ न सके, वो ख्वाब थे, हर सुबह की रोशनी में, वो आँखों का पानी थे। खुद से जुड़ने की तलाश में निकले हैं हम, कभी वो थे, कभी ये हैं, बस यादों की कहानी है।
तेरे बिना ये शाम अधूरी सी लगती है, हर बात में तेरी खुशबू बसती है। जब भी तेरा ख्याल आता है, दिल की धड़कनें मुझसे सब कहती हैं।
तेरे बिना ये रातें अधूरी हैं, सपनों में भी तेरी यादें होती हैं। खामोशियों में तेरी हंसी बसी है, इश्क़ की परछाई, अब तो हर जगा है।
जब राहें हों कंटीली, हर कदम पे लगे ठोकर, तो जान लो ये असलियत, खुद पर रखो भरोसा, यार, तुम हो बेहतरीन।