ज़िंदगी के सफर में, मैं मुस्कुराता हूँ, जो मुझे पसंद नहीं, उनसे कभी ना डरता हूँ। आत्मविश्वास की चादर ओढ़ कर, हर मुश्किल का सामना खुद से करता हूँ।
तेरे बिना ये सुबह अधूरी लगती है, हर लम्हा तेरा ही इंतज़ार करती है। जब भी तेरी खुशबू महसूस हो, दिल की धड़कनें एक नई कहानी सुनाती हैं।
तेरे बिना हर सुबह अधूरी सी लगती है, खुशबू तेरी, हर शाम में बसती है। दिल की गहराइयों से तुझे चाहा है मैंने, तेरे बिना, ये जिंदगी एक किताब की तरह सूनी लगती है।
इस दोपहर की धूप में, सपनों का साया ढूंढो। जो अधूरे रह गए थे कभी, उन ख्वाबों को फिर से जी लो।
तेरी हंसी में छुपा था एक राज़, खामोशियों में बसी थी तेरी आवाज़। तू कहती रही कुछ, हम सुनते रहे बस, इस दिल की कहानी को आसानी से समझ ले ना।
तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे ख्वाबों की धुंधली तस्वीर, हर एक पल में बसी है, तेरा मेरा नसीब, तेरा हाथ थामे, जैसे चलें हम चाँद के सिरे, बिछड़ने का ख्याल भी, है दिल को नसीब।
तेरे बिना चाय सुस्त है, तेरे संग बातें खास हैं, पर ये चाय की मिठास से, दिल की बातें छिपी हैं पास हैं।
हर मोड़ पर मिलती है एक नई चुनौती, खुद से ही करनी पड़ती है जंग, जो कभी हंसते हैं, वो भी रोते हैं, ज़िंदगी की इस किताब में है हर रंग।
तेरे बिना अधूरी हैं मेरी ये रातें, चाँद की चाँदनी में तेरा ही सामना चाहिए। तेरे ख्वाबों में खोकर, मैं भूल जाऊं सब, बस तेरा नाम लूँ, और तेरा ही साया चाहिए।
सपनों की चादर में लिपटी, आज़ादी की खुशबू, हर दिल में धड़कता है, भारत माँ का जज़्बा। नफरत की दीवारों को, प्यार से हम तोड़ेंगे, एक नए उजाले में, सब मिलकर हम दौड़ेंगे।