1 Shayari
तेरे बिना हर लम्हा एक फूल की तरह मुरझाता है, यादें तेरी अब मेरी तन्हाई का साया बन जाती हैं। चाँद की रौशनी में भी, तेरा अक्स नहीं दिखता, शायद अब मुझे भी तन्हाई से मोहब्बत हो गई है।