1 Shayari
कभी-कभी चुप रहकर भी, सब कुछ कह जाते हैं, तेरे बिना जो गुजरे, वो लम्हे क्या होते हैं। सुनो, बस एक बार मेरी आँखों में देखो, तुम ही हो मेरी खुशियों के, हर रंग में रंगे।