
कभी-कभी चुप रहकर भी, सब कुछ कह जाते हैं, तेरे बिना जो गुजरे, वो लम्हे क्या होते हैं। सुनो, बस एक बार मेरी आँखों में देखो, तुम ही हो मेरी खुशियों के, हर रंग में रंगे।

हर सुबह की पहली किरण में, उसकी मुस्कान छुपी हो, बात करने का वक्त निकालो, क्योंकि प्यार की छोटी बातें, बड़ी खुशियाँ लाती हैं।

तुम्हारे साथ बिताए हर पल में, ख़ुशियों के रंग घुलते हैं। जब तुम मुस्कुराते हो, सारे ग़म भी मुझसे शायरी करते हैं।

कभी-कभी खामोशियाँ भी, बोलती हैं दिल के राज़, जब आँखें हंसती हैं, तो सारे दुख हो जाते हैं ख़त्म।
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