1 Shayari
हर रोज़ तेरा इंतज़ार करता हूँ, तेरे बिना जैसे ये सफर अधूरा है। सूरज भी तेरा दीदार चाहता है, पर तेरा चाँद सा ख्वाब, नसीब में पूरा है।