1 Shayari
सूरज के उगने को तो दुनिया सुबह कहती है, मेरी सुबह तो तेरे ख़याल से शुरू होती है। चाय का धुआँ और खिड़की से छनती यह धूप, तेरे साथ की एक आरज़ू में फ़ना होती है।