1 Shayari
तेरा जाना इस तरह, जैसे कोई साया चला गया, हर सुबह की किरण में, तेरा एक अंश खो गया। सपनों की गलियों में, अब तन्हाई बसी है, तेरे बिना ये दिल, हर पल बस तड़पता रहा।