1 Shayari
शाम की चादर में छिपे हैं कुछ ख्वाब, तेरे बिना ये लम्हे, लगते हैं अंधेरे सब यार। तेरे साथ बिताए पल, यादों में हैं महके, अच्छा है ये शाम, जब तू हो पास मेरे, बार-बार।