
तेरे ख्यालों की खुशबू में, हर सुबह नई रोशनी मिलती है। जैसे तन्हाई में चाँदनी, तेरे बिना सारी रात सुनसान लगती है।

तेरे बिना अधूरी हैं मेरी ये रातें, चाँद की चाँदनी में तेरा ही सामना चाहिए। तेरे ख्वाबों में खोकर, मैं भूल जाऊं सब, बस तेरा नाम लूँ, और तेरा ही साया चाहिए।

तेरे बिना हर सुबह जैसे, चाँद बिना रात की चाँदनी। तेरे साथ ही तो खिलते हैं, मेरे दिल के सारे अरमां।

तेरे बिना हर सुबह एक खामोशी होती है, तेरी यादों की बाहों में सिसकियाँ होती हैं। खुद से अब कोई बात नहीं होती, जबसे तेरा चेहरा मेरी आँखों में बसी हुई है।
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