
तेरे बिना अधूरी हैं ये शामें, तू साथ हो तो महके हैं साये, तेरे हर ख़्वाब में बसी है ख़ुशबू, तेरे बिना, सब हैं बस तन्हाई के साए।

तेरे बिना हर लम्हा अधूरा लगता है, जैसे चाँद बिना रात का साया होता है। तेरा नाम लूँ जुबां से, और दिल की धड़कन, तू ही मेरा ख्वाब, तू ही मेरी सच्चाई है।

तेरे बिना, हर सुबह जैसे रात हो, तेरी यादों में डूबी, हर सांस मेरे साथ हो। तू है मेरी हंसी, तू है मेरी सदा, तेरे बिना ये दुनिया बेगानी, जैसे कोई खामोशी बिछी हो।

तेरे ख्यालों की खुशबू में, हर सुबह नई रोशनी मिलती है। जैसे तन्हाई में चाँदनी, तेरे बिना सारी रात सुनसान लगती है।
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