
तेरे बिना मेरे ख्वाब भी, अब अधूरे से लगते हैं। तेरे साथ ही तो, हर लम्हा जिए जाने लगते हैं।

तेरा नाम लूं लबों से, इस दिल को सुकून मिले, तेरे ख्वाबों में खो जाऊं, हर सुबह फिर मुझे खींचे। तेरी हँसी की खनक से, बहारों का अहसास मिले, बस यही चाहत है मेरी, तेरा हर पल साथ मिले।

तेरे बिना हर लम्हा, जैसे सागर बिना पानी, तेरी हंसी की गूंज, जैसे बंसी की तान। मेरे ख्वाबों में तू, मेरे दिल की पहचान, बस तेरा साथ चाहिए, और कुछ नहीं है अरमान।

तेरे बिना हर सुबह अधूरी सी लगती है, खुशबू तेरी, हर शाम में बसती है। दिल की गहराइयों से तुझे चाहा है मैंने, तेरे बिना, ये जिंदगी एक किताब की तरह सूनी लगती है।
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