
तेरे बिना हर लम्हा, जैसे सागर बिना पानी, तेरी हंसी की गूंज, जैसे बंसी की तान। मेरे ख्वाबों में तू, मेरे दिल की पहचान, बस तेरा साथ चाहिए, और कुछ नहीं है अरमान।

तेरे बिना हर सुबह अधूरी सी लगती है, खुशबू तेरी, हर शाम में बसती है। दिल की गहराइयों से तुझे चाहा है मैंने, तेरे बिना, ये जिंदगी एक किताब की तरह सूनी लगती है।

तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे ख्वाबों की धुंधली तस्वीर, हर एक पल में बसी है, तेरा मेरा नसीब, तेरा हाथ थामे, जैसे चलें हम चाँद के सिरे, बिछड़ने का ख्याल भी, है दिल को नसीब।

तेरे बिना ये सुबह भी सुनी सी लगती है, जितनी भी खुशियां हों, तेरी कमी खलती है। तेरा नाम लूँ जजबातों में, तो ख़ुद से मिलती है।
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