
तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे ख्वाबों की धुंधली तस्वीर, हर एक पल में बसी है, तेरा मेरा नसीब, तेरा हाथ थामे, जैसे चलें हम चाँद के सिरे, बिछड़ने का ख्याल भी, है दिल को नसीब।

तेरे बिना ये सुबह भी सुनी सी लगती है, जितनी भी खुशियां हों, तेरी कमी खलती है। तेरा नाम लूँ जजबातों में, तो ख़ुद से मिलती है।

हर सुबह तेरे ख्यालों में खोता हूँ, तेरी हंसी से दिन की शुरुआत होती है। तेरे बिना ये उदासी की चादर, हर रात मेरी आँखों में बिछती है।

तेरी यादों का समंदर, लहरों से भरा है, हर सास में तेरा नाम, जैसे दिल का सारा जज़्बा है। तू पास नहीं, पर तेरे बिना हर जगह सुनसान है, तेरे बिना ये ज़िंदगी जैसे कोई बंजर याराना है।
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