
खुशियों की किरणें, इस सुबह बिखरी हैं, नए सपनों की सौगात, सब पर निखरी हैं। चलो, उठो और चलो, एक नई राह पर, हर सुबह हमें देती, एक नई शुरुआत पर।

हर सुबह की रोशनी में, खुद से एक वादा करो, जो कल नहीं कर पाएं, आज वो सपने जी लो।

हर सुबह एक नया सपना लाती है, सूरज की किरणें खुशियों की बातें करती हैं। चलो, मिलकर इस दिन का स्वागत करें, खुशियों से भर लें, ये लम्हे सुनहरे कर दें।

ओस की बूंदों पे जैसे धूप का निखार आता है, तुझे सोचकर मेरी सुबह में यूँ ही खुमार आता है। ज़माने के लिए तो बस एक नया दिन शुरू हुआ है, पर मुझे हर सवेरे तुझपे नया प्यार आता है।
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