
तेरे बिना हर शाम अधूरी सी लगती है, तेरी यादों की खुशबू, हवा में बसी सी लगती है। जब भी तुम पास होती हो, दिल की धड़कन तेज हो जाती है, एक पल की दूरी भी, ज़िंदगी की सजा सी लगती है।

तेरे बिना अधूरी रातों में, खामोशियों का साया है। तेरे ख्वाबों की खुशबू से, हर सुबह एक नया साजा है।

तेरे इश्क में खो जाने की ख्वाहिश है, हर गली पर तेरे ही नाम की खुशबू है। छू लूं तुझे, बस यही एक ख्वाब है, तेरे बिना हर रात, सन्नाटे की एक तन्हाई है।

तेरे बिना ये खामोशियाँ, हर सुबह को शाम कर देती हैं। बस एक नज़र की तलाश है, जो मेरे दिल की धड़कन को पहचान ले।
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