
जब भी तन्हाई में खाने की खुशबू आती है, तेरे साथ बिताए लम्हों की कहानी सुनाती है। दिल की गहराइयों में है हर एक नुस्खा, उन यादों की थाली में बस एक ही सौगात है।

जब साथ में हो चुलबुली बातें, तब खाने का स्वाद भी हो जाता है खास। लिऐ तैयार मजेदार रिसेपियों से, हर यात्रा में बहे सच्चे रिश्तों का रस।

जब भी बनती है मटन की करी, तेरे साथ की यादें ताज़ा हो जाती हैं। हर निवाला जैसे लम्हों का जश्न, तेरे बिना ये दावत अधूरी रह जाती है।

जब भुख लगी हो दिल को, तब सुगंध लाती है रोटी, और मांस की गरम तश्तरी, जैसे इश्क में हो कोई ख़ुशी।
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