💔 Dard Shayari

बिछड़ने का ग़म

बिछड़ने का ग़म

इस बिछड़ने के ग़म में, हम ठहर गए हैं, तेरे बिना हर खुशी में, क्यों बेकरार रहे हैं। सपनों में तेरे हंसने की आवाज़ सुनते हैं, लेकिन जब आँखें खुलती हैं, बस हम ही हम रह जाते हैं।

by Admin
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