1 Shayari
तेरे बिना जो तसव्वुर है, वो खामोशी में ही बसा है, हर लम्हा तेरी यादों का, एक नया दर्द जरा सा है। सपनों में भी तेरा साया, जैसे दिन में चाँद की रौशनी, दिल की इस वीरानी में, बस तेरा ही नाम लिखा है।