1 Shayari
वो कौन सा सहरा था, जहाँ तूने मुझे छोड़ा, हर कदम पर तेरा ही एहसास मेरे साथ है। खामोशियों में तेरी यादें बसी हैं यूँ, जैसे चाँद की रौशनी, रात के वीराने में।