1 Shayari
लंच में सब्ज़ी थी, दाल भी लाए, दौड़े जब हम, तो पत्ते उड़ाए। किसी ने कहा, "भाई ये क्या ख़ाक है?" हमने मुस्कुरा कर कहा, "हंसी तो ज़रूरी है!"