1 Shayari
तेरे जाने का ग़म हर शाम हमें घेर लेता है, चाँद भी अब उदास है, तेरा चेहरा नहीं दिखता है। दिन में भी छुपा है, तन्हाई का साया, तेरे बिना हर लम्हा बस ख़ामोशी की परछाई।