1 Shayari
तेरे बिना गुज़रे हर लम्हे की सदमा, तेरे साथ हर सुबह है एक नया सपना। तेरे होठों की हंसी, जैसे चाँदनी रात, एक पल की भी दूरी, लगती है बेताबना।