1 Shayari
हर मोड़ पर मिलती हैं कड़वाहटें, और उम्मीद की किरणें भी छिटकती हैं कहीं। गिनती हूँ पल, खुद से बातें करती, इस सफर में खोई, पर खुद को पाती हूं कहीं।