1 Shayari
कभी संडे की रातों में लेट-नाईट पार्टी के अरमान हुआ करते थे, दोस्तों के साथ देर तक शहर घूमने के सामान हुआ करते थे। अब तो हफ़्ते की सबसे बड़ी जीत यही लगती है गालिब, जब डी-मार्ट से बिना बहस के राशन का पूरा सामान आ जाता है।