1 Shayari
हर सुबह जब उठता हूँ, चाय की खुशबू से, सोचता हूँ, आज तो खुश रहूँगा, पर वो अरे! फिर से, काम का बोझ, और मीटिंग्स का चक्कर, ऐसे में कहीं हंसना भूल जाता हूँ, ये मेरा सफर।