1 Shayari
तेरी आँखों में छुपा है, ऐसा एक राज़ भी, जैसे पत्तों की सरसराहट में, छुपा मौसम का साज़ भी। बातें होती हैं कुछ ऐसी, जहाँ दिल की होती है ख़बर, खामोशियों में बसी है, एक नई लफ्ज़ों की जंग भी।