1 Shayari
तेरे मुँह से निकले अल्फाज़, एक ख्वाब जैसी बातें, चup चुप रहना भी तेरा, मुझे समझ में ना आता है। कभी तो बोल दे सच्चाई, या इन आँखों की कहानी, तेरी हर ख़ामोशी में छुपा है प्यार का जज़्बा भी।