1 Shayari
उसने बेवफ़ाई भी इतने सलीक़े से की, कि हम अपनी ही वफ़ा को गुनहगार समझते रहे। वो बदल गए किसी और की एक पुकार पर, और हम अपनी सादगी का ही मलाल करते रहे।