1 Shayari
हम चुप रह कर भी ख़ुद की पहचान रखते हैं, जो बातें दिल की हैं, वो ज़ुबां पर भी लाते हैं। दूसरों की सोच से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता, अपने नज़ाकत में ही, हम खुद को खिलाते हैं।