
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा लगता है, यादें तेरी, जैसे ख्वाबों का एक ताज़ा सफ़र है। हँसते हुए चेहरों में, तेरी कमी का एहसास है, आँखों में तेरे अक्स का साया हमेशा साथ है।

तुम्हारी यादों में खोया हूँ, हर सुबह मेरी आँखों में तुम्हारा ख्वाब है। फिर भी ये खामोशियाँ, क्योंकि तुमने खुद को भुला दिया है।

तेरे जाने के बाद, हर गली में तेरा ही नाम है, चुपके से गुज़रते हैं, लम्हे अब भी उसी शाम हैं। तेरी हँसी का साया, अब भी मुझमें बसा है, यादों की खुशबू में, तुम्हारा हर ख़्वाब है।
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