
तेरे बिना अधूरी शामें, जैसे चाँद बिना रात, हर लम्हा तेरा एहसास, दिल में बसा है हालात। तेरे बिना ये सांसें, हैं जैसे खामोश साज़, तेरे संग ही जीना, मेरी हर एक चाहत की आवाज।

तेरी हंसी में छुपी है खुशियों की बहार, जब तू पास होती, मिटता है हर एक सितारा। तेरी यादों में जीने की चाहत है कुछ ऐसी, जैसे चाँद भी तन्हा हो, पर तेरा इंतज़ार।

तेरे बिना हर सुबह जैसे, खामोशियों का एक साया। तू है मेरी धड़कनों में, ज़िंदगी की हर परछाई में छाया।

तेरे चेहरे की रौनक से, मेरा मन बहकता है, हर सुबह तेरे ख्यालों में, मेरा दिल झूमता है। तेरे बिना ये सारा जहाँ, वीरान सा लगता है, तेरी मुस्कान ही मेरी जिंदगी, सब कुछ सहेजता है।
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