
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा है, खुशियों का हर रंग फीका है। तेरे ख्वाबों में जो खो जाता हूँ, उन लम्हों में खुद को पा जाता हूँ।

तेरे इश्क की बारिश में, मैं हर रोज़ भीगता हूँ, तेरी खुशबू से महके, ये हर सुनहरा पल मस्त है। जब तू पास होती है, तो दिल की धड़कन तेज़ होती है, तेरे बिना ये ज़िंदगी, जैसे सहरा का सूखा रेत है।

तेरे ख्वाबों में खोये हुए, मैं चाँदनी रातों में तन्हा हूँ। हर सुबह की किरन से पूछता हूँ, क्या आज भी तेरी यादों में जीता हूँ।

तेरा नाम लबों पर, जब आता है, धड़कनों का सिलसिला, खुद-ब-खुद सज जाता है। हर एक सुबह तेरी यादों में खोकर, मैं एक नया दिन, तुझसे ही शुरू करता हूँ।
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