
तेरी यादों की खुमारी में, हर लम्हा गुज़रे जैसे सदी। तेरे बिना ये दिल है वीरान, हर सुबह होती है तेरी कमी।

तेरे बिना हर लम्हा अधूरा है, जैसे चाँद बिना रात अधूरी है। तेरा नाम लूँ जब भी फिजा में, दिल फिर से तेरा दीवाना हो रहा है।

तेरे बिना ये शामें भी खामोश हैं, तेरे बिना हर लम्हा बेताब है। तू ही तो है जो मेरे दिल में बसा है, तेरे बिना ये दिल भी तन्हा है।

तेरे बिना ये ख्वाब अधूरे हैं, हर एक लम्हा तेरा इंतज़ार कर रहा है। तेरी यादों की खुशबू बसी है मुझमें, हर सांस में तेरा नाम आता है।
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