
तेरे बिना अधूरा सा लगता है ये जहां, तेरे बिना हर लम्हा, हर ख़्वाब है बेगाना। तेरे साथ बिताए हर पल की खुशबू, मेरे दिल की किताब में है, बस तेरा ही ज़वाना।

तेरे बिना गुज़रे हर लम्हे की सदमा, तेरे साथ हर सुबह है एक नया सपना। तेरे होठों की हंसी, जैसे चाँदनी रात, एक पल की भी दूरी, लगती है बेताबना।
जब से तुम आए हो मेरी ज़िंदगी में, हर सुबह एक नई कहानी लिखता हूँ। तुम्हारी हंसी की गूंज से सजता है मेरा दिन, तुमसे शुरू होता है, तुम पर ही खत्म होता हूँ।

तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा लगता है, जब तू पास होती है, समय ठहर जाता है। तेरे साथ बिताए पल जैसे ख्वाब बनते हैं, हर सुबह तेरे चेहरे की मुस्कान से शुरू होता है।
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