
जब भी रहा हूँ ख़ुद से दूर, सपनों ने दी मुझको दस्तक, ज़िंदगी ने कहा, चल आगे, हर मोड़ पर है एक नई दस्तक।

हर लम्हा एक नई कहानी लिखता है, हंसते-हंसते भी दिल का मर्म छुपाता है। ज़िंदगी से फिर से मिलने की चाह रखो, क्योंकि हर मोड़ पर एक नया सबक सिखाता है।

ज़िंदगी की राहों में, हर मोड़ पर कोई कथा है, खुशियों के पल हलके, ग़मों की भी एक सदा है। सपने बुनते हैं हम, फिर भी आँखों में अश्क हैं, इस फासले को हमें खुद ही तय करना है।

ज़िंदगी के सफर में, सब कुछ मिलेगा, पर खुद से मिलना, मुश्किल होता है। खुद की तलाश में, हम कहीं खो जाते हैं, हर खुशी के पीछे, एक ग़म छुपा होता है।
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