
तेरे साथ बिताए लम्हों का क्या कहना, हर खुशी में तू, हर ग़म में सहारा, सच्ची दोस्ती की इस राह पर, तेरा नाम लूँ, मेरा दोस्ती का इशारा।

तेरे बिना हर लम्हा है अधूरा, तेरा साथ ही है मेरा सच्चा नूरा। खुशियों में साथ, ग़म में भी रहे, दोस्ती की ये राह, कभी ना हो दूर।

तेरी हंसी में बसी है, मेरी सबसे प्यारी यादें, हर मुश्किल में तूने साधी, जैसे अपने हों हाथें। दूरियों की कोई परवाह नहीं, जब दिल में है तेरा नाम, दोस्ती का ये रिश्ता, है सबसे खास, सबसे अनमोल आराम।

जब कठिनाई में हो साथ, तब समझो वो है सच्चा यार। हर खुशी में हो साझेदारी, वो ही है दोस्त, वो ही है प्यार।
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