
जब बात समझ की हो, तब अल्फाज़ की ज़रूरत नहीं, दिल की धड़कनों में छिपी है हर एक बात यहाँ। प्यार सच्चा हो, तो ना होंगी कोई शर्तें, खामोशी भी बोलेगी, जब प्यार हो अगली सुबह।

हर लफ्ज़ में छुपा है एक राज़, जब तुम मुस्कुराती हो, दिल बुनता है आस। कोशिश करो अल्फाज़ों को समझने की, प्यार की भाषा में, बस हो एक सवाल।

हर सुबह की पहली किरण में, उसकी मुस्कान छुपी हो, बात करने का वक्त निकालो, क्योंकि प्यार की छोटी बातें, बड़ी खुशियाँ लाती हैं।

तुम्हारे साथ बिताए हर पल में, ख़ुशियों के रंग घुलते हैं। जब तुम मुस्कुराते हो, सारे ग़म भी मुझसे शायरी करते हैं।
Comments
Loading comments...