
दोस्त वो खजाना हैं, जो दिल की गहराइयों में छिपा हैं, साथ में उनके हर लम्हा, जैसे कोई खुशनुमा सफ़र हो, जब हो मुश्किलें तो वो राह दिखाए, जैसे तारा रात में चमके।

जब भी ग़मों का साया आये, तुम्हारी यादों की धूप में, हर दर्द का बादल छट जाये।

तेरे साथ बिताए हर लम्हे की खुशबू है, हर मुस्कान में छुपी एक कहानी है। दूर हो जाएं तो भी यादों की महफिल, तू ही मेरी हर ख़ुशी, तेरा ही ये जहां है।

सादगी से भरी, तेरी मेरी बातें, हर मुस्कान में छिपी, अनगिनत यादें। जब भी हो तन्हाई, तेरा साथ याद आए, दोस्ती का ये रिश्ता, न कभी भूल पाए।
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