
तेरी हंसी में छुपा था एक राज़, खामोशियों में बसी थी तेरी आवाज़। तू कहती रही कुछ, हम सुनते रहे बस, इस दिल की कहानी को आसानी से समझ ले ना।

तेरे बिना चाय सुस्त है, तेरे संग बातें खास हैं, पर ये चाय की मिठास से, दिल की बातें छिपी हैं पास हैं।

तेरी बातों में जादू है, पर खामोशी में भी अजनबी नहीं है। कुछ बातें अधूरी हैं, मगर, तेरे इश्क की नई कहानी नहीं है।

तेरे बिना ये जज़्बात अधूरे हैं, हर मुस्कान में तेरे ही चेहरे के नूर हैं। जब बातों से निकलें इश्क की खुशबू, फिर समझ लो, ये दिल किसी और का नहीं, बस तुम्हारा है।
Comments
Loading comments...