
तेरी यादों के साए में, खामोशी का आलम है, हर एक लम्हा तुझसे बात करता, ये दिल भी बेकरार है। तेरे जाने के बाद, हर खुशी की सुबह वीरान है, बस तेरे बिना, ये दिल का हर कोना उदास है।

तेरे बिना ये दिल, हर पल उदास है, हर लम्हा तेरा ही इंतज़ार कर रहा है। चोट दिल की छुपाकर, मुस्कुराने का नाटक करूँ, क्योंकि तेरा नाम लेते ही, हर दर्द बिसर रहा है।

तेरे बिना हर पल, एक अधूरी कहानी है। सपनों में तेरे साथ, पर जागते ही तन्हाई है। दिल की खामोशी में, तेरी ही आवाज़ है, तेरे बिना ये ज़िंदगी, जैसे कोई धुंधली रंजिश है।

तेरी यादों की गहराई में, हर लम्हा खो जाता हूँ। तेरे बिना यह दिल, बस एक सवाल बन जाता हूँ।
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