
जिंदगी की किताब में, कुछ पन्ने खामोश हैं, खुशियों की धूप में, ग़म की छाँव हैं। हर मोड़ पर मिलता है, एक नया सबक हमें, चलते रहना ज़रूरी है, यही तो है जिंदगानी का रंग।

ज़िंदगी के सफर में, सब कुछ मिलेगा, पर खुद से मिलना, मुश्किल होता है। खुद की तलाश में, हम कहीं खो जाते हैं, हर खुशी के पीछे, एक ग़म छुपा होता है।

Bheed Ke Shor Se Alag Apni Ek Kahani Likhna Har Girte Kadam Ke Baad Phir Se Sambhalna Sikhna Waqt Lagta Hai Har Badi Imarat Ko Banne Mein Tum Apne Junoon Se Har Ek Din Naya Aasman Likhna
Comments
Loading comments...