
घर की दाल में नमक कम था, बातचीत में भी तड़का कम था। पड़ोसी ने पूछा, "क्या हुआ यार?" "बस, ब्रेकफास्ट में चटपटा कम था!"

सास बोलीं, 'बहू बेटा बड़ा हो गया,' बहू ने कहा, 'तो क्या, मेरे लड़के का तो कोई करियर नहीं है।' सास हंसते हुए बोलीं, 'तो क्या, मुझे तो सिर्फ दहेज चाहिए था।' अरे, परिवार में बहस हुई और हमने हंसी में बाँध दी।

सुबह की चाय में आलस्य घुला, कहती है मम्मी, "बाहर क्यों नहीं निकलता?" मैंने कहा, "तबियत तो ठीक है लेकिन, घर के सोफे से दोस्ती बहुत गहरी है।"

जब बास ने कहा 'काम करो', हमने कहा 'हंसी तो छोडो', बॉस बोले, 'काम नहीं करोगे?' हम बोले, 'हंसी में क्या बुराई है, जो छोडूं?'
Comments
Loading comments...