
खुद से जो किया वादा, वो कभी भी न तोड़ा, इसीलिए मेरी रौनक में, कोई ताज नहीं जोड़ा। जो लोग समझ नहीं पाए, वो बस दिखावे के लिए हैं, मेरी असली पहचान में, कोई लिबास नहीं जोड़ा।

खुद को पहचानो, दूसरों की परछाई नहीं, सपने तुम्हारे हैं, किसी की दुआ नहीं। जो ठान लिया, वो कर गुज़रेंगे, ज़िंदगी की रेस में, हम कभी रुकेंगे नहीं।

जब नजरें मिलती हैं, तेरा अंदाज़ बेताब होता है, मेरे सवालों का जवाब, तेरा जज़्बात होता है। सोचते हैं सब, पर मैं तो बस तेरा दीवाना हूँ, खुदा से भी बढ़कर, तेरा प्यार मेरा खज़ाना हूँ।

ज़िन्दगी में खुद की पहचान बना ली, गैरों की बातों का असर नहीं होता। सपने मेरे हैं, हौंसले भी मेरे, खुद से जो वादा किया है, वो कभी नहीं टूटता।
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