
जब हंसी में छुपी हो बातें, तब दोस्ती का वो एहसास होता है, हर मोड़ पर साथ हो जब, तब जिया भी खुशियों से भर जाता है।

सादगी से भरी, तेरी मेरी बातें, हर मुस्कान में छिपी, अनगिनत यादें। जब भी हो तन्हाई, तेरा साथ याद आए, दोस्ती का ये रिश्ता, न कभी भूल पाए।

ज़िन्दगी की राहों में, दोस्ती की खुशबू हो, हर ग़म की बारिश में, तेरा साथ ताज़गी हो। सपने साझा करना, हंसी में गुज़ारना, तेरे बिना ये सफर, अधूरा सा लगेगा।
दोस्ती वो रिश्ता है, जो खून का नहीं, पर खून से भी गहरा है।
Comments
Loading comments...