
चाँद की रौशनी में, तेरे ख़्वाब सजाऊँ, हर तारे से पूछूँ, क्या तू भी याद आए? सपनों की इस दुनिया में, तू संग मेरे आए, सो जाऊँ तुझमें खोकर, तेरे साथ मुस्कुराए।

ये सितारे भी आज सुन रहे हैं, हमारी मोहब्बत की सदा गुनगुना रहे हैं, सो जाओ प्यारे, ये रात खूबसूरत है, तेरे ख्वाबों में हम फिर से मिल रहे हैं।

इस रात की चादर तले, तेरा ही नाम लूँ, सपनों में आओ मेरे, हर लब पे तेरा ही जिक्र हो।

तेरे बिना ये रात अधूरी है, चाँद भी तेरा दीवाना है, तेरी यादों में खोकर सो जाऊँ, तू जब पास हो, ये ख्वाब सजाऊँ।
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