
जब देश की हर गली में, खेली जाएं ख़ुशबूबीज़, तब समझो, मिली है हमें, आज़ादी की नई लहर, खोले आसमान में मन में उमंगों का ख़्वाब, संभालें इसे, दिल से, हर जन के अज़म के साथ।

झंडा लहराते हैं, हर दिल में उमंग है, आज का दिन है खास, हर रंग में जागरण है। स्वतंत्रता की महक से महकता ये आकाश, हम सब मिलकर गाएं, यह देश है हमारा आभास।

सपनों की चादर में लिपटी, आज़ादी की खुशबू, हर दिल में धड़कता है, भारत माँ का जज़्बा। नफरत की दीवारों को, प्यार से हम तोड़ेंगे, एक नए उजाले में, सब मिलकर हम दौड़ेंगे।

शाम की बेला में बजे गाने, दिल में बसी हैं ये आज़ादी के अफसाने। हर ख्वाब में बुनते हैं हम, एक नया जहाँ, जहाँ न हो कोई रंग, बस हो अपना आसमान।
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