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लव शायरी - एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है

Jun 30, 2025  लफ़्ज़ों का जलवा  660 views
लव शायरी - एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है

लव शायरी - एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है

कुछ सोचता हूँ तो तेरा ख्याल आ जाता है,
कुछ बोलता हूँ तो तेरा नाम आ जाता है,
कब तक छुपा के रखूं दिल की बात को,
तेरी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है।


लिख दूँ तो लफज़ तुम हो,
सोच लूँ तो ख्याल तुम हो,
माँग लूँ तो मन्नत तुम हो,
और चाह लूँ तो मोहब्बत भी तुम ही हो।


उसके साथ रहते रहते हमे चाहत सी हो गयी,
उससे बात करते करते हमे आदत सी हो गयी,
एक पल भी न मिले तो न जाने बेचैनी सी रहती है,
दोस्ती निभाते निभाते हमे मोहब्बत सी हो गयी,


जी चाहता हैं तुम से प्यारी सी बात हो,
हसीं चाँद तारे हो, लंबी सी रात हो,


आपको पा कर अब खोना नहीं चाहते
इतना खुश हो कर अब रोना नहीं चाहते
यह आलम है हमारा आपकी जुदाई का
आँखों में नींद है मगर सोना नहीं चाहते…!!!


मेरी जान मेरी वफ़ा हो तुम ,
उस कुदरत का दिया हुआ
एक नायब तोहफा हो तुम


खुद नहीं जानते कितनी प्यारे हो आप,
जान हो हमारी पर जान से प्यारे हो आप,
दूरियों के होने से कोई फर्क नही पड़ता,
कल भी हमारे थे और आज भी हमारे हो आप


तुम्हें चाहूं अंदाज़ बदल बदल कर
मेरी ज़िन्दगी का इकलौता इश्क़ हो तुम


तुम्हारे साथ खामोश भी रहूँ तो बातें पूरी हो जाती हैं..
तुम में, तुम से, तुम पर ही मेरी दुनिया पूरी हो जाती है


चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बनके बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे इश्क का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो


तमन्ना है मेरे मन की हर पल साथ तुम्हारा हो
जितने भी सांसे चले हैं हर सांस पर नाम तुम्हारा हो


घायल कर के मुझे उसने पूछा,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर
होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा


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